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लखीसराय में अधूरी सड़क परियोजना पर भड़के ललन सिंह, मंच से DM को बोले- “फोर्स बैठाकर काम पूरा कराइए”

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लखीसराय दौरे पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अधूरी सड़क और पुल परियोजना को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई। मंच से ही DM को “फोर्स बैठाकर काम पूरा कराइए” कहने का वीडियो और बयान तेजी से चर्चा में है।

लखीसराय/आलम की खबर: बिहार में विकास कार्यों और अधूरी परियोजनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब जनप्रतिनिधियों की प्रशासनिक सक्रियता भी खुलकर सामने आने लगी है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री और मुंगेर सांसद Rajiv Ranjan Singh शनिवार को लखीसराय दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क और पुल निर्माण में हो रही देरी पर अधिकारियों के सामने ही नाराजगी जाहिर की। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से जिला प्रशासन को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि जरूरत पड़े तो “फोर्स बैठाकर सड़क निर्माण का काम पूरा कराइए।” मंत्री के इस बयान के बाद इलाके में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।केंद्रीय मंत्री का यह बयान अब सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी मंत्री की बातों का तालियों के साथ समर्थन किया। दरअसल बड़हिया से खुटहा होते हुए सुरजी और रामपुर हाल्ट तक सड़क और पुल निर्माण की मांग लंबे समय से उठती रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग की हालत खराब होने के कारण उन्हें बरसात के दिनों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से कट जाता है, जिससे लोगों को आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में दिक्कत होती है।

सभा को संबोधित करते हुए Rajiv Ranjan Singh ने बताया कि इस परियोजना को लेकर उन्होंने खुद बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar से चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि इलाके की जरूरत को देखते हुए सड़क और पुल निर्माण को बेहद जरूरी बताया गया था। मंत्री के अनुसार जब पूरा नक्शा मुख्यमंत्री को दिखाया गया तो उन्होंने तुरंत इस परियोजना को स्वीकृति देने की बात कही। ललन सिंह ने कहा कि यह सड़क केवल एक निर्माण कार्य नहीं बल्कि हजारों ग्रामीण परिवारों की जरूरत से जुड़ी परियोजना है।

उन्होंने कहा कि सड़क और पुल बन जाने से इलाके में आवागमन की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। किसानों को अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, छात्रों को स्कूल और कॉलेज जाने में कम समय लगेगा और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में राहत मिलेगी। मंत्री ने कहा कि विकास का असली मतलब तभी है जब गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें और लोगों की रोजमर्रा की समस्याएं कम हों।

अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने जिला प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। उन्होंने मंच से ही जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकांश सड़क निर्माण पूरा हो चुका है और केवल बड़हिया से खुटहा तक करीब डेढ़ से दो किलोमीटर का हिस्सा बाकी है। उन्होंने अधिकारियों से लगातार मॉनिटरिंग करने और किसी भी तरह की रुकावट को तुरंत दूर करने को कहा। मंत्री का “फोर्स बैठाकर काम पूरा कराइए” वाला बयान उसी संदर्भ में सामने आया, जिसे लोगों ने काफी गंभीरता से लिया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए विकास परियोजनाओं पर सरकार और जनप्रतिनिधियों का फोकस बढ़ गया है। यही कारण है कि मंत्री और सांसद अब सीधे मौके पर पहुंचकर परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। इससे प्रशासनिक दबाव भी बढ़ रहा है और अधिकारियों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह सड़क और पुल परियोजना पूरी हो जाती है तो पूरे इलाके की आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा। व्यापारियों को माल ढुलाई में आसानी होगी और छोटे बाजारों तक पहुंच बेहतर होगी। खासकर बरसात के समय जिन गांवों में कीचड़ और जलजमाव के कारण आवाजाही ठप हो जाती है, वहां के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होने से गंभीर समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में बेहतर सड़क नेटवर्क जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

विकास परियोजनाओं को लेकर जनता की उम्मीदें भी लगातार बढ़ रही हैं। लोगों का मानना है कि केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा बल्कि जमीन पर तेजी से निर्माण कार्य पूरा होना चाहिए। लखीसराय में सड़क परियोजना को लेकर मंत्री की सख्ती के बाद अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। जनता को उम्मीद है कि जिस तेजी से मंच से निर्देश दिए गए हैं, उसी तेजी से निर्माण कार्य भी आगे बढ़ेगा।

बिहार में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सड़क और पुल निर्माण को लेकर कई बड़ी परियोजनाएं शुरू की गई हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर दे रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गांवों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाए तो शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार सभी क्षेत्रों में इसका सकारात्मक असर देखने को मिलता है। लखीसराय की यह परियोजना भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि मंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन कितनी तेजी से अधूरे हिस्से का काम पूरा कर पाता है। फिलहाल इलाके के लोग इस उम्मीद में हैं कि वर्षों से लंबित सड़क और पुल परियोजना जल्द धरातल पर पूरी तरह दिखाई देगी।

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